शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

सानिया और शोइब को देखने को भीड़ उमड़ी ससुराल मैं






भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा गुरुवार को जब अपने पति पाकिस्तानी क्रिकेटरशोएब मलिक के साथ कराची पहुंची तो उनकी एक झलक पाने के लिये जनसैलाब उमड़ पड़ा जिसमें यात्रियों सेलेकर हवाई अड्डे के कर्मचारी भी शामिल हैं.

इन दोनों ने 12 अप्रैल को भारत के हैदराबाद में शादी की थी. दोनों गुरुवार को ही मुंबई से जिन्ना इंटरनेशनलएयरपोर्ट पहुंचे. यह जोड़ा गुरुवार को ही इस्लामाबाद के लिये रवाना होगा, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफरजा गिलानी और भारतीय उच्चायेग ने उनके लिये रिसेप्शन आयोजित किया है. इन दोनों की एक झलक के लियेपहुंचे एक यात्री ने कहा, ‘यहां काफी कुप्रबंधन है, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग में भी यही हाल है.’

सानिया और शोएब को एयरलाइंस के अधिकारियों और अन्य लोगों ने टर्मिनल की बिल्डिंग में घेर लिया और उन्हेंहालातों को समझने में काफी समय लगा. सानिया ने गुलाबी रंग की कुर्ती और जींस पहनी हुई थी और धूप के चश्मेंपहने हुए थे. उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘बालीवुड फिल्मों की तरह यहां भी सुरक्षाकर्मी काफी देर से पहुंचे.’ इसजोड़ी के साथ सानिया की मां नसीमा भी थीं.

एक अन्य चैनल ने कहा कि सानिया ने अंतत: पाकिस्तान, अपने ससुराल, पहुंचने पर खुशी भी जाहिर की. सिंधराज्य के खेल मंत्री डा मोहम्मद अली शाह ही एकमात्र गणमान्य व्यक्ति थे, जो दोनों से आराम से मिल सके. उन्होंनेभी सानिया-शोएब को पारंपरिक सिंधी शाल, टोपी और फूलों का गुलदस्ता भेंट करने में देरी नहीं की.

शाह ने कहा, ‘सानिया को अंतत: पाकिस्तान में देखकर खुशी हो रही है और वे सरकार के राज्य स्तर के मेहमानहोंगे.’ हवाईअड्डे के बाद इस जोड़ी की एक झलक पाने के लिये काफी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गयी थी, लेकिन वेइंतजार करते रहे क्योंकि शोएब और सानिया को कड़ी सुरक्षा के बीच अंतरराष्ट्रीय लाउंज से घरेलू लाउंज लायागया. सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को भी इस जोड़ी के करीब जाने से रोक दिया.

सानिया और सोईब को देखने उमड़ी भीड़





भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा गुरुवार को जब अपने पति पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक के साथ कराची पहुंची तो उनकी एक झलक पाने के लिये जनसैलाब उमड़ पड़ा जिसमें यात्रियों से लेकर हवाई अड्डे के कर्मचारी भी शामिल हैं.

इन दोनों ने 12 अप्रैल को भारत के हैदराबाद में शादी की थी. दोनों गुरुवार को ही मुंबई से जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे. यह जोड़ा गुरुवार को ही इस्लामाबाद के लिये रवाना होगा, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और भारतीय उच्चायेग ने उनके लिये रिसेप्शन आयोजित किया है. इन दोनों की एक झलक के लिये पहुंचे एक यात्री ने कहा, ‘यहां काफी कुप्रबंधन है, अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग में भी यही हाल है.’

सानिया और शोएब को एयरलाइंस के अधिकारियों और अन्य लोगों ने टर्मिनल की बिल्डिंग में घेर लिया और उन्हें हालातों को समझने में काफी समय लगा. सानिया ने गुलाबी रंग की कुर्ती और जींस पहनी हुई थी और धूप के चश्में पहने हुए थे. उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘बालीवुड फिल्मों की तरह यहां भी सुरक्षाकर्मी काफी देर से पहुंचे.’ इस जोड़ी के साथ सानिया की मां नसीमा भी थीं.

एक अन्य चैनल ने कहा कि सानिया ने अंतत: पाकिस्तान, अपने ससुराल, पहुंचने पर खुशी भी जाहिर की. सिंध राज्य के खेल मंत्री डा मोहम्मद अली शाह ही एकमात्र गणमान्य व्यक्ति थे, जो दोनों से आराम से मिल सके. उन्होंने भी सानिया-शोएब को पारंपरिक सिंधी शाल, टोपी और फूलों का गुलदस्ता भेंट करने में देरी नहीं की.

शाह ने कहा, ‘सानिया को अंतत: पाकिस्तान में देखकर खुशी हो रही है और वे सरकार के राज्य स्तर के मेहमान होंगे.’ हवाईअड्डे के बाद इस जोड़ी की एक झलक पाने के लिये काफी संख्या में भीड़ इकट्ठी हो गयी थी, लेकिन वे इंतजार करते रहे क्योंकि शोएब और सानिया को कड़ी सुरक्षा के बीच अंतरराष्ट्रीय लाउंज से घरेलू लाउंज लाया गया. सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को भी इस जोड़ी के करीब जाने से रोक दिया.

आपीईल विवाद








आईपीएल विवाद की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग पर अड़े विपक्षी राजग, वाम, अन्नाद्रमुकतथा सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सपा, राजद और बसपा के सदस्यों ने आज प्रश्नकाल के बाद राज्यसभा कीकार्यवाही बिल्कुल नहीं चलने दी तथा हंगामे के कारण एक बार के स्थगन के बाद सदन को दिन भर के लिएस्थगित कर दिया गया।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर ढाई बजे जैसे ही बैठक शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने एक बार फिर आईपीएल कामुद्दा उठाया और इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की। भाजपा के एसएसअहलूवालिया ने कहा कि आईपीएल को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है तो सदन में इस पर चर्चा क्यों नहीं कराईजा सकती। इसके बाद भाजपा के सदस्य आसन के समक्ष कर जेपीसी की मांग करने लगे।

बुधवार, 24 दिसंबर 2008























ख़ूबसूरत


कुदरत ने सनम तुमको क्या शोक अदा दी हैं


julphon मैं दिए जादू आंखों मैं हया दी हैं




आलम हैं जवानी का उस पर ये नज़र कातिल


रहो मैं तडपता हूं जरा देख ले सघ दिल




आसिक को सनम अपने ये कैसी सजा दी हैं


कुदरत ने सनम तुमको क्या शोक अदा दी हैं



फूल सितारों से तेरी मांग सजा दोंगा


तेरी चद्ती जवानी का मैं सजदा उतारूंगा



ओह आशिक को सनम अपने ये कैसे सजा दी हैं


कुदरत ने सनम तुमको क्या शोक अदा दी हैं



तू जान मेरी बन जा दुनिया से छुपा दूंगा


मौसम के मेरे हम दम दोनों को दुआ दी हैं


कुदरत ने सनम तुमको क्या शोक अदा दी हैं




हर रिश्ताएक एहसास है ज़िन्दगी काइसलिये संभाले रखनाखुदा का ये खूबसूरत तोहफाजो मिल जाता है आसानी सेलेकिन जिसे संभालना बेहद मुश्किल है......रिश्ता जब गहराने लगेतो संभालनाज़्यादा ज़रूरी हो जाता है..........इस मोड़ परज़्यादा बेफिक्री अच्छी नहीं होतीहै ना......




aisabasera
aisabasera आंखें बचा के कलियाँ मैंने गुलशन को कई बार संवरते देखाहर तरफ रंग का खुशबू का समा होता हैपंछियों की चहक सरगम का मज़ा देती हैचांदनी टूट के गुलशन में बिखर जाती हैधूप पत्तों को उजालों से सजा देती हैकोई अल्हड़ कोई मदमस्त हवा का झोंकाशोख़ कलियों का बदन छू के निकल जाता हैइस शरारत से भी कलियों को मज़ा आता चटक जाती हैंफूल खिलते हैं तो गुलशन में बहार आती हैपर ये रंगीन फ़ज़ा और ये गुलशन की बहारवक़्त के साथ वीराने में बदल जाती हैधूप की तल्खी चुराती है रंग फूलों काआंधियां नूर की महफ़िल को फ़ना करती हैंपत्तियाँ सूख के तिनकों की शक्ल लेती हैंसूखे तिनके किसी का घोंसला बन जाते हैंचांदनी टूट के रोती है इस तबाही कोकोई हलचल यहाँ दिखाई ही नहीं देतीअब इसे देखने कोई यहाँ नहीं आताअब ये गुलशन यूँ ही वीरान पड़ा रहता है